सैंड फ्लाई क्या है, जो गुजरात में बच्चों के लिए जानलेवा बनी
“हिम्मतनगर के पीआईसीयू में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस से पीड़ित ईशा असारी का इलाज चल रहा है. उनके बुज़ुर्ग दादा-दादी अस्पताल के बाहर बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.
यहाँ अस्पताल के अधिकतर बिस्तर ख़ाली हैं, लेकिन जिन बिस्तरों पर बच्चे भर्ती हैं, उन्हें वेंटिलेटर की ज़रूरत है. ईशा जैसी ही स्थिति अस्पताल में भर्ती तीन साल की जानकी परमार की भी है.जानकी के परिवार वाले इस उम्मीद में हैं कि उनकी बच्ची फिर से हँसने-खेलने लगे.
ये दोनों ही बच्ची एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित हैं.
इनमें से कुछ मामलों में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है. यह वायरस सैंड फ्लाई (रेत मक्खी) नामक एक छोटे कीट के काटने से शरीर में प्रवेश करता है.