नर्स कैसे बनते हैं, नौकरी कैसे मिलती है, क्या पढ़ाई करनी होती है?
दिल्ली में रहने वाली स्वाति बचपन में जब भी अपनी मौसी को सफे़द यूनिफॉर्म में अस्पताल जाते देखती, तो उनके मन में ख़्याल आता कि उन्हें भी एक दिन ऐसे ही लोगों की सेवा करनी है.
वो डॉक्टर नहीं बन पाईं, लेकिन उन्होंने वो रास्ता चुना, जिसके बिना कोई डॉक्टर, कोई अस्पताल, कोई ऑपरेशन थिएटर पूरा नहीं हो सकता, यानी नर्सिंग.
फिलहाल स्वाति एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी के कॉर्पोरेट क्लिनिक से जुड़ी हुई हैं.
भारत में इस समय 39 लाख से ज्यादा नर्स हैं. सुनने में ये संख्या बड़ी लगती है, लेकिन 140 करोड़ की आबादी के हिसाब से ये संख्या कम ही है.
जाने-माने कार्डियक सर्जन और नारायणा हेल्थ के फ़ाउंडर डॉक्टर देवी प्रसाद शेट्टी के मुताबिक अमेरिका और यूरोप में हर एक डॉक्टर के हिसाब से चार-पांच नर्स हैं. अगर भारत को भी इसी मानक तक पहुंचना है तो उसे क़रीब 20 लाख और नर्सों की ज़रूरत होगी.
तो क्या नर्सिंग, नौकरी एक सिर्फ़ एक विकल्प है या आने वाले समय का बड़ा मौका? बारहवीं के बाद इस फ़ील्ड में कैसे कदम रखा जाए? और क्या इसमें अच्छा करियर बन सकता है? इसी पर बात करेंगे आज ‘करियर कनेक्ट’ में.
नर्सिंग में कौन-कौन से प्रोग्राम हैं?
देश में नर्सिंग की पढ़ाई की देख-रेख इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के हाथों में है. यह भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत आता है और एक ऑटोनोमस बॉडी है.
भारत में नर्स बनने के लिए बीएससी नर्सिंग के अलावा जो प्रोग्राम सबसे ज़्यादा चलन में हैं, वो है जीएनएम यानी जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ़री.