मैं मच्छरों को जैसे चुंबक की तरह अपनी ओर खींचती हूँ. गर्मियों की छुट्टियों में मैं दुनिया के किसी भी कोने में चली जाऊँ, एक बात लगभग तय रहती है कि मच्छर मुझे ज़रूर काटेंगे.
उनके काटने से मेरी त्वचा पर खुजली वाले बड़े-बड़े निशान पड़ जाते हैं, जो कई हफ़्तों तक बने रहते हैं.

वहीं, मेरे साथ रहने वाले दो और लोगों के ऊपर मच्छरों का कोई ख़ास असर नहीं दिखता. उन्हें शायद ही कोई मच्छर काटता हो. और अगर काट भी ले, तो सिर्फ़ एक छोटा-सा लाल निशान बनता है, जो जल्दी ग़ायब हो जाता है.
मेरे दोस्त अक्सर मज़ाक में कहते हैं कि मेरा खून “बहुत मीठा” है, इसलिए मच्छर मुझे ज़्यादा काटते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस बात में थोड़ी सच्चाई हो सकती है.
