लोवरी डेनमैन को पहली बार उस वक़्त किसी गंभीर गड़बड़ी की आशंका हुई, जब उन्होंने शौचालय जाने के बाद क़रीब एक मीटर लंबा फीता कृमि (टेपवर्म) देखा.कारमार्थेन की 42 वर्षीय लोवरी ने कहा, “उसे देखकर मुझे बेहद घिन आई. वह सेलोटेप जैसा दिख रहा था, जिस पर छोटी-छोटी धारियां बनी हुई थीं.”यह न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस का पहला लक्षण था. इस बीमारी में उनके मस्तिष्क में 38 परजीवी पहुंच गए थे, जिनकी वजह से उन्हें तेज सिरदर्द, दौरे और मानसिक भ्रम जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा.लोवरी उन गिने-चुने लोगों में शामिल हैं, जिनमें हर साल ब्रिटेन में इस तरह का मस्तिष्क संक्रमण पाया जाता है. यह संक्रमण सूअर के फीता कृमि (पॉर्क टेपवर्म) के लार्वा के कारण होता है.
ब्रिटेन की महिला का दावा: भारत यात्रा के बाद उनके दिमाग़ में पाए गए 38 परजीवी