स्थानीय लोगों ने Jio सिम को पोर्ट करना शुरू किया और कई लोग दूसरे नेटवर्क पर चले गए।
The Indian Express
सोशल मीडिया पर लोग #BoycottJio और जिओ उत्पादों/सिमों के बहिष्कार के नारे लगा रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन में कुछ जगह रिलायंस के प्रतीकों के विरोध के दृश्य भी देखे गए।
🧠 2. (पुराना ट्रेंड – कंपनी फैसलों पर नाराज़गी)
कुछ पुराने मामलों में लोग कंपनी के निर्णयों (जैसे प्लान बदलाव, सेवा-समस्या, कीमत आदि) के चलते बॉयकॉट जैसे हैशटैग का इस्तेमाल करते रहे हैं — लेकिन जो आजकल ट्रेंड हो रहा है वह पिछले महीनों के Mahadevi controversy से प्रेरित लगता है।
उदाहरण के लिए:
2021 में जब Jio ने कुछ कॉलिंग/चार्ज नियम बदले थे तब #BoycottJio ट्रेंड हुआ था।
यूजर-फीडबैक प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने सेवा/ग्राहक अनुभव पर नाराज़गी जताई है, लेकिन ये मुख्य ट्रेंड नहीं हैं।
Reddit
📌 लेकिन यह मौजूदा ट्रेंड मुख्य रूप से उस स्थानीय विरोध से जुड़ा है, न कि केवल सामान्य ग्राहक शिकायत से।
📌 संक्षेप में
➡️ “बॉयकॉट Jio” इस वक्त इसलिए ट्रेंड कर रहा है क्योंकि कोल्हापुर के हाथी विवाद ने लोगों के बीच भावना-आधारित नाराज़गी पैदा कर दी है, और लोग इसे रिलायंस/जिओ से जोड़कर सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे हैं।
अगर चाहें, मैं आपको यह भी बता सकता हूँ कि इस ट्रेंड के पीछे सही तथ्य और गलफ़हमियों में क्या अंतर है—क्या यह वास्तव में Jio की नीतियों से जुड़ा है या सिर्फ सोशल मीडिया भावनाओं से।
